है उदासी सर पर छाई हुई है हाथों में कलम थामी हुई मैं सोचूं कि सब सुने मुझे ये कैसी अना मेरे में समाई हुई ...
Incomplete thoughts that leave a lasting impact.
है उदासी सर पर छाई हुई है हाथों में कलम थामी हुई मैं सोचूं कि सब सुने मुझे ये कैसी अना मेरे में समाई हुई ...
Main jo akele nhi muskura skta kbhi bhi ; Dekh tere baad bhi hns rha hun main.
मैं यूँ मुस्कुराता हुँ कि ख़ुदा देखता है ; ग़म में भी तस्सली होती है कि ख़ुदा देखता है। काम चाहे फ़िर कैसा ही हो मेरे ;...
जानता हुँ कि नहीं बच पाऊँगा मैं ; उदासी फिऱ भी नहीं छोड़ पाऊँगा मैं। दर-बदर होकर ही पहुँचा हुँ तेरे पास ;...
रात के दो बज रहे है मैं लिखना चाहता हूं लेकिन मैं असमंजस में हूँ कि क्या लिखूं मैं लिखने की कोशिश कर रहा हूँ इतनी कोशिश जितनी मैंने जीवन जीने के लिए नही की कभी , मग़र मैं फ़िर भी लिखने में असफल हो रहा हूँ ! मैं लिखने के लिए तुम्हें याद कर रहा सिर्फ लिखने के लिए मग़र मैं तुम पर क्या लिखूं जितना लिखना था तुम पर उतना तो मैं कब का लिख चुका ! अब और क्या ही लिखा जा सकता है तुम पर लेकिन मैं फिर भी ढीठ बन कर तुम्हे याद कर रहा हूँ ! याद कर के भी मैं तुम पर नहीं लिख पा रहा क्योंकि तुमसे बेवफ़ाई तो मैंने की थी , मैंने छोड़ा था तेरा साथ अपनी अना के लिए सिर्फ अना के लिए ! कितना मूर्ख हूँ ना ! बेवफ़ाई के लिए तुम पर नहीं लिखा जा सकता मुझे अब पछतावा होता है तेरे जाने का और पछतावा लिखा नहीं जा सकता ! ना ही किसी को बताया जा सकता है ! पछतावा तो बस किया जा सकता है और ये पछतावा मैं रोज करता हूँ !...
कोई नहीं जानता तेरे बारे में ; किसी को कुछ नहीं बताया तेरे बारे में ! मुझे सोने देती है माँ अकेला कमरे में ;...
मेरी बात करना उसके सामने वो हँसेगा ; मैं चाहता भी हूँ तो हँसे और हँसेगा । ना मानो तो मेरे उदासी के शेर सुनाना ;...