Two Lines

The magic of brevity in a single couplet.

मुझे सिगरेट की याद आती है ; तुम्हारी गलती है सारी की सारी ।

हम लोग किसी और के काम नहीं आए ; हम ऐसे लोगों को मौत आनी चाहिए ।

ख़ुदा को ख़त लिखूंगा खुदखुशी का : लिखूंगा मैं रिजाइन कर रहा हुँ।

अब भी आए हो तो एहसान तुम्हारा लेकिन ; वो क़यामत जो गुजरनी थी, गुज़ार भी गई दोस्त।

लेकिन यहाँ तो मौत से बचने कि जंग है ; हम लोग जिन्दगी के इरादे से आये थे ।

ये जानते हुए भी लिखने से कुछ नहीं होगा फिर भी मैं लिखना चाहता हूँ ।

जो चंद रोज़ मैं घर में कमाई देने लगा ; तो खानदान को अच्छा दिखाई देने लगा !

अपनी अना अपनी अना है भरत ; संभाल कर रख इसे यही बचा है भरत !

मैं भेजूँगा तुम्हें मेरी मुस्कुराते की तस्वीर ; मुझे तेरे नए फ़ोन नंबर चाहिए !

रक़ीब से कहना कभी बात करें हमसें ; हम सिखाएंगे उसे तरीक़े , तुझे मनाने के !

कौन लड़की तुमसे बेहतर होगी मेरे लिए ; किससे मैं दूसरा इश्क़ करूँगा ज़िन्दगी में ?

मैं अगर जीता तो घर गंवा बैठूंगा ; मैं अगर हारा तो बुज़दिल कहा जाऊँगा।

हम तीसरी सन्तान है घर की ; और हम है उदास , जरा सोचो ।