Sherमौलिक संग्रह

ख़ुदी को कर बुलंद इतना

ख़ुदी को कर बुलंद इतना कि हर तक़दीर से पहले ख़ुदा बंदे से ख़ुद पूछे बता तेरी रज़ा क्या है