PENNIC BHARAT / WRITERS

लेखकों की दुनिया,
हर आवाज़ का अपना सफ़्हा।

मौलिक ग़ज़ल, नज़्म और शेर पढ़िए—लेखक के नाम से, एक रचना एक सफ़्हे पर।

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मिर्ज़ा ग़ालिब

उर्दू-फ़ारसी अदब के महान शायर, जिनकी ग़ज़लों में इश्क़, फ़लसफ़ा, तंज़ और इंसानी बेचैनी एक साथ दिखाई देती है।

उर्दू · फ़ारसी
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01
Ghazal

दिल-ए-नादाँ तुझे हुआ क्या है

दिल-ए-नादाँ तुझे हुआ क्या है

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02
Ghazal

ये न थी हमारी क़िस्मत

ये न थी हमारी क़िस्मत कि विसाल-ए-यार होता

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03
Ghazal

हज़ारों ख़्वाहिशें ऐसी

हज़ारों ख़्वाहिशें ऐसी कि हर ख़्वाहिश पे दम निकले

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