Ghazalमौलिक संग्रह

दिखाई दिए यूँ

दिखाई दिए यूँ कि बे-ख़ुद किया हमें आप से भी जुदा कर चले जबीन सज्दा करने को फिर कहा क्या गया, हम अदा कर चले